Suicide Case : गीतकार संतोष आनंद के बेटे और बहु ने की ख़ुदकुशी, 8 पन्ने का सुइसाइड नोट भी मिला.

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Suicide Case: गीतकार संतोष आनंद के बेटे और बहु ने की ख़ुदकुशी, 8 पन्ने का सुइसाइड नोट भी मिला.
Suicide Case: गीतकार संतोष आनंद के बेटे और बहु ने की ख़ुदकुशी, 8 पन्ने का सुइसाइड नोट भी मिला.

Suicide Case: गीतकार संतोष आनंद के बेटे और बहु ने की ख़ुदकुशी, 8 पन्ने का सुइसाइड नोट भी मिला.

मथुरा Suicide Case| रोटी, कपड़ा और मकान, प्रेम रोग, उपकार और प्यासा सावन जैसी सुपरहिट फिल्मों के लिए गीत लिखने वाले मशहूर गीतकार संतोष आनंद को साढ़े तीन साल बाद भी न्याय नहीं मिल सका है। इकलौते बेटे और बहू की मौत (Suicide case) में 38 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन मथुरा पुलिस किसी को पकड़ती तो क्या पूछताछ भी ढंग से नहीं की गई।

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‘एक प्यार का नगमा है’मौजों की रवानी है’ ,’जिंदगी की न टूटे लड़ी…प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी’, जैसे तमाम मशहूर नगमों की यह लाइनें आज भी कोई गुनगुनाने लगे तो जीवन का अर्थ समझ में आ जाता है। लेकिन इन नगमों को लिखने वाले मशहूर गीतकार संतोष आनंद भी सिस्टम और मथुरा पुलिस से हार चुके हैं।

इकलौते बेटे संकल्प आनंद और बहू नंदिनी आनंद ने 15 अक्तूबर 2014 को दिल्ली से मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में आकर आत्महत्या (Suicide case) कर ली थी। इन दोनों के शव कोटवन पुलिस चौकी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर मिले थे। मौके से ही एक सुइसाइड नोट भी मिला था। इस नोट में करोड़ों के लेनदेन का जिक्र किया गया था।

38 लोगों पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट

संकल्प आनंद केंद्रीय गृह विभाग के इंस्टीट्यूट आफ क्रिमिनोलाजी एंड फोरेंसिक साइंस में लेक्चरर थे। उन्होंने सुइसाइड नोट में इंस्टीट्यूट में हुई नियुक्तियों में धांधली की बात कही थी। सुसाइड (Suicide case) नोट में लिखा था कि उन पर दबाव बनाया गया जिसके कारण वो जान दे रहे हैं।

संतोष आनंद की तहरीर पर उस वक्त इंस्टीट्यूट के डीजी और आईजी समेत 38 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट हुई थी। यह सभी लोग दिल्ली, नोएडा और एनसीआर के दूसरे शहरों के रहने वाले हैं। यूं तो 15 अक्तूबर 2014 से अब तक पुलिस जांच के 200 पर्चे कट गए और 15 विवेचक बदल गए, लेकिन केस वहीं पड़ा है जहां पहले दिन था।

संतोष आनंद के बेटे और बहू की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग उठी थी। खुद संतोष आनंद ने जांच की मांग की थी। लेकिन समय के साथ साथ यह मामला फाइलों के ढेर के बीच खोता चला गया। स्थिति यह हो गई कि पुलिस ने भी पड़ताल खामोश कर दी थी। कोसीकलां थाने में दर्ज हुए इस मामले में अब तक 15 विवेचक बदल चुके हैं।

संकल्प आनंद और उनकी पत्नी नंदिनी आनंद की मौत (Suicide case) के मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है, लेकिन अभी तक बयान के अलावा इस मामले में कुछ हो नहीं पाया है। कोसीकलां थाने में दर्ज हुए इस मामले में अब तक 15 विवेचक बदल चुके हैं।

गीतकार संतोष आनंद ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि उनका किसी ने साथ नहीं दिया। अब वो न तो चल फिर पाते हैं और न ही उनके पास पैसा है। आज तो पैसे वाले की सुनी जाती है। अगर पुलिस चाहती तो उनके बेटे की मौत का मामला खुल जाता। उस केस में अधिकारी शामिल थे लिहाजा पुलिस ने केस को दबा दिया।

THE PRESS NOTE

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