Sputnik V :-अगले हफ्ते मिलने लगेगी Sputnik V, जानें कितनी है एक खुराक की कीमत

0
52
Sputnik V :-अगले हफ्ते मिलने लगेगी Sputnik V, जानें कितने है एक खुराक की कीमत
Sputnik V :-अगले हफ्ते मिलने लगेगी Sputnik V, जानें कितने है एक खुराक की कीमत

Sputnik V अगले हफ्ते में साथ ही FDA या WHO की अप्रूव की हुई हर वैक्सीन को भारत आने की अनुमति – भारत सरकार.

नई दिल्ली (Sputnik V)| देश में वैक्सीन की कमी के बीच गुरुवार को नीति आयोग के सदस्य वीके पाॅल ने एक उम्मीद भरी घोषणा की। पॉल ने बताया कि इस साल अगस्त से दिसंबर तक वैक्सीन की 216 करोड़ डोज तैयार कर ली जाएगी। पाॅल ने कहा कि कोई भी वैक्सीन जिसे FDA या WHO ने अप्रूव किया हो उसे भारत आने की अनुमति होगी।

भारतीय बाजार में उपलब्ध होने से पहले इसकी कीमतों पर से पर्दा उठ गया है। रूस से आई स्पूतनिक-वी वैक्सीन की एक खुराक की कीमत 995.40 रुपए होगी। एक बयान जारी कर डॉ. रेड्डी ने इसकी जानकरी दी है। बयान में कहा गया है कि जब स्पूतनिक-वी वैक्सीन का निर्माण भारत में शुरू होगा, तब उसकी कीमत कम होगी। बता दें कि भारत में फिलहाल स्पूतनिक-वी वैक्सीन की 1.50 लाख डोज उपलब्ध हैं।

Extended Lockdown : 24 मई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन, राज्य की सरकार ने लिया फैसला.
Test Ranking :- आईसीसी अपडेट टेस्ट टीम रैंकिंग में भारत का दबदबा पहला स्थान बरकरार.

स्‍पूतनिक वी’ वैक्‍सीन बनाने वालों के अनुसार, उनकी वैक्‍सीन की एफेकसी 91.6 प्रतिशत है। ‘द लैंसेट’ में छपे डेटा के अनुसार, यह वैक्‍सीन कोविड-19 के गंभीर इन्‍फेक्‍शन से पूरी सुरक्षा देती है। रूस में हुए ट्रायल के अलावा, भारत में डॉ रेड्डीज ने भी फेज 2 और 3 के ट्रायल किए हैं।

Tweet

स्पूतनिक-V वैक्सीन को लेकर सरकार का कहना है कि इस महीने के अंत तक 30 लाख और स्पूतनिक-V टीके की खुराक भारत पहुंचेंगी। साथ ही सरकार की देश में इस टीके का उत्पादन शुरू करने के लिए रेड्डी लेबोरेटरी के अलावा पांच अन्य कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है। इनमें हेटेरो बॉयोफॉर्मा, विरचोव बॉयोटैक, स्टेलिस बॉयोफॉर्मा, ग्लैंड बॉयोफॉर्मा तथा पैनाशिया बॉयोटैक शामिल हैं। सरकार की कोशिश है कि जुलाई से देश में निर्मित स्पूतनिक वी वैक्सीन मिलनी शुरू हो जाएगी।

यहां बताना जरूरी है कि भारत में अब तक दो टीकों (कोविशील्ड और कोवैक्सीन) के साथ टीकारण अभियान चल रहा है। केंद्र सरकार इन दोनों टीकों को 250 रुपए में खरीदती है। हालांकि, कोविशील्ड और कोवैक्सीन ने प्राइवेट अस्पतालों और खुले बाजार के लिए अपनी वैक्सीन की अलग कीमत रखी है। केंद्र सरकार ने 1 मई से वैक्सीन कंपनियों को राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों को भी टीके की बिक्री की अनुमति दे दी है। देश में टीके का उत्पादन कर रहीं कंपनियां 50 फीसदी टीका केंद्र सरकार को देंगी तो 50 फीसदी टीका राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों को बेच सकती हैं

भारत में मध्‍य जनवरी से कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। हालांकि 18 साल से ज्‍यादा उम्र के लोगों के लिए वैक्‍सीनेशन खोलने के बाद वैक्‍सीन की शॉर्टेज की खबरें हैं। कुछ राज्‍यों में वैक्‍सीनेशन पर खासा असर पड़ा है। ऐसे में एक और वैक्‍सीन उपलब्‍ध होने से थोड़ी राहत मिलने की उम्‍मीद है।

THE PRESS NOTE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here