February 28, 2024

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Republic Day 2024 पहली बार महिलाओं ने की शुरुरात

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Republic Day 2024 पहली बार महिलाओं ने की शुरुरात

Republic Day 2024 पहली बार महिलाओं ने की शुरुरात

Republic Day 2024 देश अपने 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर देशवासियों को बधाई दी है।

Republic Day 2024 आज देश अपने 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने शुक्रवार (26 जनवरी) सुबह दिल्ली में स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की ओर रुख किया, जहां उन्होंने देश के लिए अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी वहां मौजूद रहे। इस दौरान, जैसा कि हर साल होता है, इस बार भी पीएम मोदी के लुक पर काफी चर्चा हुई।

इस परेड के माध्यम से पूरी दुनिया आज भारत की ताकत और सांस्कृतिक विविधता की झलक देख रही है। हालांकि, हम आपको साल 2024 की परेड की सबसे खास विशेषताओं के बारे में बताते हैं। इस बार ऐसा पहली बार हुआ है कि 26 जनवरी की परेड की शुरुआत भारतीय वाद्ययंत्रों से हुई है। इसके अलावा, दूसरी विशेषता यह है कि इस बार की परेड का आगाज महिला कलाकारों के दस्ते ने किया है।

Republic Day 2024 इस साल के गणतंत्र दिवस की थीम महिलाओं पर आधारित होने के कारण, परेड में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अब तक का सबसे अच्छा दिखा रहा है। परेड की शुरुआत सैन्य बैंड के साथ हुई, लेकिन इस बार 100 महिला सांस्कृतिक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्यों के साथ परेड की शुरुआत की। सभी कलाकार और समूह सलामी मंच के सामने अपनी प्रस्तुति देने की बजाय, एक नई पहल की गई, जिसमें केवल एक समूह ने सलामी मंच के सामने अपनी प्रस्तुति दी, और बाकी 11 समूहों ने अलग-अलग अपनी प्रस्तुति दी, जिससे सभी दर्शकों को इसका आनंद लेने का अवसर मिला।

Republic Day 2024 परेड की अन्य विशेषताओं में यह भी है कि पहली बार तीनों सेनाओं की एक महिला टुकड़ी ने भी मार्च किया है। केंद्रीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों में भी महिलाकर्मी शामिल रहीं। इस साल के परेड में महिला फाइटर पायलट्स को भी शामिल किया गया है। 48 महिला अग्निवीरों ने भी इस परेड में भाग लिया है।

इस गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर निकलने वाली परेड काफी हद तक महिला केंद्रित है। इसी को ध्यान में रखते हुए तमाम राज्यों ने अपनी झाकियों को महिला आधारित थीम पर तैयार किया।

परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी का अंदाज खास रहा। इस झांकी की थीम ‘अयोध्या: विकसित भारत-समृद्ध विरासत’ पर आधारित है। झांकी के अगले भाग में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का प्रतीक दिखाई दिया, जो उनके बचपन के स्वरूप को प्रदर्शित करता है।

लद्दाख की झांकी में आइस हॉकी खिलाड़ियों को जगह दी गई है। वहीं महिला कलाकार यहां के पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति देते हुए दिखाई गई हैं। झांकी में कई महिलाएं पेराक पहने दिखाई दे रही हैं जो लद्दाख में परंपरागत रूप से महिलाओं के लिए एक शाही टोपी मानी जाती है।

हरियाणा की झांकी में राज्य सरकार की ‘मेरा परिवार मेरी पहचान’ योजना को स्थान मिला है। झांकी में हरियाणवी महिलाओं को डिजिटल उपकरण के साथ दिखाया गया है। इससे यह बताने की कोशिश की गई है कि कैसे डिजिटल इंडिया पहल ने महिलाओं को सिर्फ एक क्लिक के जरिए सरकार की योजनाओं तक पहुंच बनाई है।

राजस्थान की झांकी में यहां की संस्कृति के साथ-साथ महिला हस्तशिल्प उद्योगों के विकास का प्रदर्शन किया गया है। झांकी में राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य की झलकी दिखी।

मध्य प्रदेश की झांकी में महिलाओं की आधुनिक सेवा क्षेत्र से लेकर लघु उद्योग और पारंपरिक क्षेत्रों तक में सक्रिय भागीदारी दिखाई गई है। झांकी में भारतीय वायु सेना में मध्य प्रदेश की पहली महिला फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी भी दिखीं।

मणिपुर की झांकी में महिलाओं को कमल के तने के नाजुक रेशों से काम करते और पारंपरिक चरखे का इस्तेमाल करके धागा बनाते हुए दिखाया गया। झांकी में एक महिला को यहां की प्रसिद्ध लोकटक झील से कमल की डंठले इकट्ठा करते हुए दिखाया गया। झांकी में राज्य के पारम्परिक इमा बाजार को जगह मिली है। यह बाजार सदियों पुराना है और इसे पूरी तरह से महिलाएं चलाती हैं।

ओडिशा की झांकी में हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी दिखाई गई है।

छत्तीसगढ़ की झांकी में बस्तर से आने वाले आदिवासी समुदायों में महिला प्रधानता को प्रदर्शित किया गया।

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