Politics IPS कानपुर के कमिश्नर IPS असीम अरुण भारतीय जनता पार्टी (BJP) हुए शामिल

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Politics IPS कानपुर के कमिश्नर IPS असीम अरुण भारतीय जनता पार्टी (BJP) हुए शामिल
Politics IPS कानपुर के कमिश्नर IPS असीम अरुण भारतीय जनता पार्टी (BJP) हुए शामिल

 

 

पुलिस कमिश्नर (Politics IPS) पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन कर राजनीति में कदम रखने वाले आईपीएस असीम अरुण (Politics IPS) अपने फेसबुक अकाउंट से लगातार संदेश पत्र पोस्ट कर रहे हैं। शनिवार को एक और संदेश वायरल हो रहा है। इसमे उन्होंने मख़मली जिंदगी बनाम दलित/ वंचित सेवा नाम से एक पत्र पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने मकर संक्रांति का जिक्र करके अपने पत्र की शुरूआत की है और अपने आईपीएस के 28 वर्ष के कैरियर को संतोषदायक बातया। साथ ही लोक सेवा में आने का मौका देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (Politics IPS)  का अाभार व्यक्त किया। असीम अरुण ने इस पत्र में आने वाले समय की चुनौतियों का भी जिक्र किया है। असीम अरुण ने अपने परिवार के बारे में पत्र में जिक्र किया उन्होंने और भी बहुत कुछ अपने इस संदेश पत्र में कहा है।

नौकरशाहों में राजनीति (Politics IPS) के प्रति बढ़ते आकर्षण को लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगी है। कई लोग सिविल सर्विस के इतने बड़े ऑफिसरों के नौकरी छोड़कर या रिटायरमेंट के तुरंत बाद पार्टी पॉलिटिक्स से जुड़ने पर आपत्ति जता रहे हैं। उनकी दलील है कि जिन नौकरशाहों को रिटायरमेंट के दो साल बाद तक एक अदद प्राइवेट कंपनी जॉइन करने की इजाजत नहीं होती है, उन्हें भला किसी राजनीतिक दल की सदस्यता लेने या राजनीति में उतरने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए? ऐसे लोग नौकरशाही से सीधे राजनीति में कदम रखने को इस आधार पर अनैतिक मानते हैं क्योंकि ऐसे में हितों के टकराव का मामला बनता है। कहा जाता है कि कुछ दिन तक पहले बड़े पदों पर काम कर चुके पूर्व नौकरशाह अगर राजनीति में आते हैं तो वो अपने प्रभावों का इस्तेमाल खुद और पार्टी के पक्ष में कर सकते हैं।

कानपुर के पुलिस कमिश्नर रहे असीम अरुण Politics IPS के भाजपा में शामिल होने के बाद अखिलेश यादव का बयान सामने आया है. अखिलेश ने कहा है कि वर्दी में कैसे-कैसे लोग छुपे हुए थे? अखिलेश ने कहा कि क्या पंचायत का चुनाव आप भूल गए? मैंने तब भी कहा था कि जिला कप्तान और अधिकारी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं. बता दें कि रविवार को भाजपा में शामिल होने के बाद असीम अरुण ने कहा था कि पिछली सरकारों में माफिया को छोड़ने के लिए फोन आते थे.

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