Nirmala Sitharaman मोदी सरकार की सौगात 1.1 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान

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नई दिल्ली| प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री (Nirmala Sitharaman Finance Minister Press Conference ) ने आज 8 राहत उपायों का ऐलान करने की बात कही। वित्त मंत्री ने 1.5 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना की घोषणा की। इनमें चार राहत उपाय नए हैं। हेल्थ सेक्टर से जुड़ा है एक राहत पैकेज भी है।

(Nirmala Sitharaman Finance Minister Press Conference )हेल्थ सेक्टर से जुड़ा है एक राहत पैकेज दिया जा रहा है। इस पैकेज के मेडिकल सेक्टर को लोन गारंटी दी जाएगी। हेल्थ सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ रुपए वअन्य सेक्टर्स के लिए 60 हजार करोड़ रुपए। इसके तहत 100 करोड़ तक का लोन 7.95 फीसद ब्याज पर दिया जाएगा, वहीं अन्य सेक्टर्स के लिए ब्याज 8.25% से ज्यादा नहीं होगी।

(Nirmala Sitharaman Finance Minister Press Conference )क्रेडिट गारंटी स्कीम (Credit guarantee scheme) का ऐलान किया गया है, जो माइक्रो फाइनेंस लेंडिंग के जरिए दी जाएगी. इसका फायदा 25 लाख लोगों को होगा. इसकी कैपिंग MCLR प्लस 2 परसेंट होगी, यानी सामान्य लोन से ये सस्ता होगा. इस लोन की अवधि अधिकतम 3 साल की होगी. ये स्कीम बिल्कुल नई है. इसमें 1.25 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा. इसमें 80 परसेंट लोन MFI की ओर से दिया जाएगा. हमारा फोकस नए कर्जों को देने पर है न कि पुराने लोन के रीपेमेंट पर.

सबसे पहले इस स्कीम में 3 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी। ECLGS 1.0, 2.0, 3.0 में अब तक 2.69 लाख करोड़ रुपए का वितरण किया जा चुका है। ECLGS में 1.5 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। यानी  अब इस स्कीम का कुल दायरा 4.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है। अब तक शामिल किए गए सभी सेक्टर्स को इसका लाभ मिलेगा।

(Nirmala Sitharaman Finance Minister Press Conference )कोरोना की पहली लहर की वजह से देश में लगे संपूर्ण लॉकडाउन से आम आदमी से लेकर बड़े कारोबारी तक की आर्थिक स्थति डांवाडोल हो गई थी। राहत के लिए पिछले साल अक्टूबर में आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लॉन्च की गई थी। अब इस आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विस्तार किया जा रहा है। पीसी में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि अब इस स्कीम को बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक किया जा रहा है।

इस स्कीम के तहत अब तक करीब 21.42 लाख लाभार्थियों के लिए 902 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। बता दें इस स्कीम के तहत सरकार 15 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ का भुगतान करती है। इसके तहत सरकार कर्मचारी-कंपनी का 12%-12% पीएफ का भुगतान करती है। सरकार ने इस स्कीम में 22,810 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है,  जिससे करीब 58.50 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।

सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को भी आगे बढ़ा दिया है. 26 मार्च, 2020 को लॉन्च किया गया था. ये स्कीम कोरोना की वजह से परेशानी में आए गरीब लोगों को उबारने के लिए लाई गई थी. वित्त वर्ष 2020-21 में इस स्कीम की लागत 133972 करोड़ रुपये थी. कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच इस स्कीम को मई 2021 में फिर से लॉन्च किया गया. इस स्कीम के जरिए गरीबों को 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज दिया जाता है. इस स्कीम का फायदा अब नवंबर 2021 तक मिलता रहेगा. इस स्कीम पर अब अतिरिक्त 93869 करोड़ रुपये का बोझ और पडे़गा जिससे इस योजना की कुल लागत अब 227841 करोड़ रुपये हो जाएगी.

सरकार ने एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए भी बड़ा ऐलान किया है. एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पेरेशन एक्सपोर्ट्स को क्रेडिट इंश्योरेंस कवर के जरिए प्रमोट करता है. सरकार ECGC में 5 सालों के लिए 88,000 करोड़ रुपये डालने का ऐलान करती है. जिससे एक्सपोर्ट इंश्योरेंस कवर को बढ़ावा दिया जा सके

(Nirmala Sitharaman Finance Minister Press Conference ) BharatNet के जरिए सरकार गांव-गांव में इटरनेट पहुंचाना चाहती है. इसके लिए सरकार ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए 19041 करोड़ रुपये की योजना का ऐलान किया है. 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में से 1,56,223 ग्राम पंचायतों में 31 मई 2021 से सेवाएं शुरू हो चुकी है. PPP मॉडल के जरिए BharatNet को 16 राज्यों में वायाबिलिटी गैप फंडिंग के जरिए लागू किया गया है. ये योजना 61109 करोड़ रुपये की है, जिसमें 2017 में 42068 करोड़ रुपये मंजूर किए जा चुके हैं, अब इसमें 19041 करोड़ रुपये और डाले जाएंगे

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