Mucormycosis कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों को हो रहा है ब्लैक फंगल इन्फेक्शन, जा रही है आँखों की रौशनी

0
101
Mucormycosis कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों को हो रहा है ब्लैक फंगल इन्फेक्शन, जा रही है आँखों की रौशनी
Mucormycosis कोरोना से ठीक हो रहे मरीजों को हो रहा है ब्लैक फंगल इन्फेक्शन, जा रही है आँखों की रौशनी

Mucormycosis कोरोना से ठीक हो रहे मरज पर मंडरा रहा अब एक नया खतरा, ब्लैक फंगल इन्फेक्शन

गुजरात में कोवड-19 को मात देने के बाद कवक (फंगल) संमण म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) क वजह से आंख की रोशनी गंवाने के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। यह दावा डॉटर और अधिकारियों ने शनवार को कया। सूरत स्थित करण सुपर मटी स्पेशलिस्ट अस्पताल अध्यक्ष माथुर सवानी ने बताया की कोवड-19 से तीन हफ्ते पहले ठीक हुए मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस का पता चला है। सवानी ने बताया, यह संख्या 50 तक पहुंच गई है जबक 60 और मरीज इसके इलाज का इंतजार कर रहे ह।

Thailand थाईलैंड से बुलाई कॉल गर्ल की अस्पताल में कोरोना से मौत, 7 लाख रुपये देकर लखनऊ बुलवाया था.

DRDO:- कोरोना के इलाज में DRDO की दवा 2-DG का इमरजेंसी में होगा इस्तेमाल, DGCI ने दी मंज़ूरी.

म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) के लक्षण

डॉ.लहाने ने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस का लक्षण सिरदर्द, बुखार, आंखों के नीचे दर्द, नाक या साइनस में जकड़न और आंशिक रूप से दृष्टि बाधित होना है। उन्होंने बताया कि इसके इलाज के लिए 21 दिनों तक इंजेक्शन लगाना पड़ता है और एक दिन के इंजेक्शन का खर्च करीब नौ हजार रुपये है।

म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) से जा रही है आखों की रौशनी

सवानी ने बताया, ‘इस समय 50 मरीजों का किरण अस्पताल में म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) का इलाज चल रहा है जबकि 60 अन्य मरीज इलाज का इंतजार कर रहे हैं। वे सभी मरीज पिछले तीन हफ्ते में आए हैं। म्यूकोरमाइकोसिस से पीड़ित सभी मरीज हाल में कोविड-19 से ठीक हुए थे।’ उनके मुताबिक अब तक सात लोग अपनी आंखों की रोशनी खो चुके हैं।

कोरोना की दूसरी लहर के बाद बढ़ रहा है म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) का खतरा

रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर प्रभारी डॉ.केतन नाइक ने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सूरत सिविल अस्पताल में उनका इलाज करने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में आंख-कान-नाक के डॉक्टर देवांग गुप्ता ने बताया, ‘यहां हमारे पास रोज पांच से 10 मरीज म्यूकोरमाइकोसिस के आ रहे हैं, खास तौर पर कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बाद। इन मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है और जल्द से जल्द ऑपरेशन किया जा रहा है।

१० में से २ मरीजों में मिल रहे है इन्फेक्शन

उन्होंने बताया कि वर्कफोर्स, उपकरण, इंजेक्शन सहित तमाम संसाधन सरकार ने म्यूकोरमाइकोसिस (Mucormycosis) मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा, ‘पांच में से एक मरीज आंखों से जुड़ी समस्या लेकर आ रहा है। उनमें से कई अंधेपन का सामना कर रहे हैं।’ नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने भी शुक्रवार को कहा था कि कोविड-19 मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामले आ रहे हैं।

The Press Note

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here