February 29, 2024

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New Policy In 2024 सिम कार्ड, आईटीआर, बीमा पॉलिसी, UPI आईडी, अन्य कईयों में बदलाव

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New Policy In 2024 सिम कार्ड, आईटीआर, बीमा पॉलिसी, UPI आईडी, अन्य कईयों में बदलाव

New Policy In 2024 सिम कार्ड, आईटीआर, बीमा पॉलिसी, UPI आईडी, अन्य कईयों में बदलाव

Key Changes in 2024 From 1st Jan नए साल 2024 में आम आदमी को प्रभावित करने वाले नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव हो गए हैं।

Key Changes in 2024 नए साल2024 का आगमन नए नियमों के साथ हुआ है, जो आम आदमी के जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। इस नए वर्ष में, सिम कार्ड से लेकर आयकर रिटर्न (आईटीआर) तक कई क्षेत्रों में नए नियम लागू हो रहे हैं। यह नए नियम आम आदमी को अधिक सुरक्षित और सरल तरीके से वित्तीय व्यवस्था करने में मदद करेंगे। इसके साथ ही, नए साल के आगमन के साथ ही, लोग अपने नए और बेहतर आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में भी कदम बढ़ाएंगे। ये नियम सामाजिक और आर्थिक रूप से जीवन को सुधारने में मदद करेंगे और व्यावसायिक गतिविधियों में भी सुधार प्रदान करेंगे।

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Key Changes in 2024 List:

New Policy In 2024 सिम कार्ड, आईटीआर, बीमा पॉलिसी, UPI आईडी, अन्य कईयों में बदलाव
New Policy In 2024 सिम कार्ड, आईटीआर, बीमा पॉलिसी, UPI आईडी, अन्य कईयों में बदलाव
  1. Key Changes in 2024 आयकर रिटर्न: जिन करदाताओं ने वित्त वर्ष 2022-23 (आकलन वर्ष 2023-24) के लिए अब तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल करने में सफलता नहीं प्राप्त की है, उन्हें आज से बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने का विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, जो व्यक्ति अपने रिटर्न में त्रुटियों के साथ विफल रहे हैं, वे संशोधित रिटर्न जमा करने में भी असमर्थ होंगे। यह स्थिति करदाताओं को समयबद्ध रूप से अपने आयकर कर्मचारियों द्वारा स्वीकृति प्राप्त करने और संशोधित रिटर्न को जमा करने के लिए प्रेरित कर सकती है। 
  1. पार्सल सर्विस :नए साल 2024 में पार्सल भेजना और कारों की कीमतों में महंगाई का असर दिखा रहा है। डीएचएल और ब्लूडर्ट जैसी पार्सल डिलीवरी कंपनियां ने नए साल में पार्सल भेजने की चार्ज में करीब 7% तक की वृद्धि की है। इसके अलावा, कार निर्माता कंपनियों ने भी अपने कॉमर्शियल वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का सुझाव दिया है, जिसमें मारुति, महिंद्रा, किआ, हुंडई, होंडा, और टाटा समेत टोयोटा शामिल हैं। इससे आने वाले समय में कुछ कारों की कीमतों में और बदलाव की संभावना है। इसमें महंगाई की बढ़ोतरी और उद्योग के अलग-अलग पहलुओं के प्रति बदलते खर्चों का भी प्रभाव हो सकता है। 
  1. बीमा पॉलिसी: भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDA) ने एक जनवरी से सभी बीमा कंपनियों के लिए पॉलिसीधारकों को ग्राहक सूचना पत्र देना अनिवार्य कर दिया है। इस दस्तावेज़ का उद्देश्य बीमा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को सरल शब्दों में समझाना है, ताकि पॉलिसीधारक अपनी पॉलिसी और उससे जुड़ी जरूरी बातें समझ सकें। इस नए प्रक्रिया से, बीमा कंपनियां अपने ग्राहकों को स्पष्टता और सहजता से सूचित करने का अधिकारी होंगी, जिससे बीमा सेवाओं के प्रति ग्राहकों का विश्वास और संवेदनशीलता बढ़ सकती है। यह एक उत्तरदाता और सशक्त कस्टमर सुरक्षा उपाय है जो बीमा उद्योग में सुधार की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
  1. बीमा ट्रिनिटी प्रोजेक्ट: नए साल में बीमा ट्रिनिटी प्रोजेक्ट का आगे बढ़ना एक उत्कृष्ट क्षमता है। इस प्रोजेक्ट के तहत लॉन्च होने वाले बीमा सुगम, बीमा विस्तार, और बीमा वाहक उत्पादों के माध्यम से उपभोक्ताओं को नए और सुविधाजनक विकल्प प्रदान किए जा रहे हैं। बीमा सुगम के साथ, खरीदारी प्रक्रिया को आसान बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। बीमा विस्तार उत्पाद बीमा सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ने का उद्देश्य रखता है, जबकि बीमा वाहक उत्पाद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने में मदद करेगा। इन नए उत्पादों का लॉन्च नए साल के पहले कुछ महीनों में किया जा सकता है, और इससे बीमा सेक्टर में नए उत्साह की सांगत में वृद्धि हो सकती है।  
  1. बैंक लॉकर: 31 दिसंबर 2023 को समाप्त होने वाली एक महत्वपूर्ण समय सीमा थी, जिस पर बैंकों ने लॉकर रखने वाले ग्राहकों के संबंध में निर्णय लेने का आदान-प्रदान किया है। इस तिथि के बाद, जिन लोगों ने संशोधित बैंक लॉकर समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, उनके लॉकर फ्रीज किए जा सकते हैं, और बैंकों ने इस मुद्दे पर निर्णय लेने का कार्य शुरू कर दिया है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो वित्तीय सुरक्षा और निगमन को बढ़ावा देगा और बैंक और उनके ग्राहकों के बीच विश्वास को मजबूत करेगा। लोगों को अपने वित्तीय संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए समय समय पर समझौते करते रहना महत्वपूर्ण है ताकि उन्हें किसी भी आने वाली आपत्ति से नुकसान न हो।
  1. जनवरी में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक: जनवरी महीने में बैंकों में बंपर छुट्टियां हैं, और जनवरी 2024 में कुल 16 दिन बैंक बंद रहेंगे। इन छुट्टियों के दौरान, गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अलावा साप्ताहिक रविवार और शनिवार की छुट्टियां भी शामिल हैं। यह सभी अवसर बैंक ग्राहकों के लिए अपने वित्तीय प्रबंधन की योजनाएं बनाने और बैंक से संबंधित कार्यों को समायोजित करने के लिए एक अच्छा मौका प्रदान करते हैं। ग्राहकों को इस अवधि में बैंकी कामों को समेत सभी आवश्यक वित्तीय क्रियाओं के लिए तैयारी करने का सुझाव दिया जाता है।
  1. आधार कार्ड: 31 दिसंबर, 2023, को आधार कार्ड के विवरण में मुफ्त में परिवर्तन करने की अंतिम तारीख थी। इस तिथि के बाद, जो लोग अपने व्यक्तिगत विवरण में कोई बदलाव करवाना चाहते हैं, उन्हें अब इसके लिए 50 रुपये का भुगतान करना होगा। यह निर्णय सरकार के द्वारा लिया गया है ताकि आधार कार्ड के विवरणों में सुरक्षित बदलाव हों और लोग अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रख सकें। यह एक सुरक्षित और स्वच्छ आधार सिस्टम को बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है।
  1. डीमैट अकाउंट: स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने वालों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है कि जून 2024 तक, हर हाल में अपने डीमैट अकाउंट का नोमिनेशन कराना अनिवार्य होगा। इसकी पहले स्थिति में, इस कार्रवाई की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2023 तक तय की गई थी। यह निर्णय स्टॉक बाजार सचिवालय द्वारा लिया गया है ताकि निवेशक अपने डीमैट अकाउंट की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें और उनके नामांकन के लिए सही प्रक्रिया का पालन करें। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि इस निर्णय के चलते सभी निवेशक सुरक्षित रहें और उन्हें कोई भी कठिनाई ना हो।
  1. UPI आईडी बंद

एनपीसीआई ने नई गाइडलाइनों के तहत एक नया निर्णय लिया है, जिसका अनुसर, यदि कोई यूपीआई यूजर एक साल तक अपने यूपीआई आईडी से किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं करता है, तो उसकी यूपीआई आईडी को बंद कर दिया जाएगा। इस निर्णय के अंतर्गत, एक साल की अवधि के दौरान उपभोक्ता अगर अपने खाते की स्थिति की जाँच भी करता है, तो उसकी आईडी को बंद नहीं किया जाएगा। यह निर्णय एनपीसीआई की यूपीआई यूजर्स को नियमों और विधियों का पालन करने के लिए प्रेरित करने का एक कदम है, जिससे सुरक्षित और नियमित बैंकिंग कार्यों को बनाए रखने का सिद्धांत है।

  1. सिम कार्ड: नए दूरसंचार बिल के प्रारंभ होने के साथ, सिम कार्ड खरीदने और बनाए रखने की प्रक्रिया में 1 जनवरी 2024 से बदलाव हो रहा है। ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए, सरकार ने सिम कार्ड की बिक्री और खरीद को नियंत्रित करने वाले कड़े नियम लागू किए हैं। अब सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए डिजिटल नो योर कस्टमर (केवाईसी) प्रक्रिया अनिवार्य है। दूरसंचार कंपनियों को सिम कार्ड अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान ग्राहकों को बायोमेट्रिक डेटा देने की जरूरत होगी। नकली सिम कार्ड रखने पर तीन साल तक की कैद और 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, सिम विक्रेता अब पूरे सत्यापन के बाद ही सिम बेच पाएंगे। सिम कार्ड के थोक वितरण पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

 

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