Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज वाराणसी में हुई पहली बैठक
Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मस्जिद मामले में आज वाराणसी में हुई पहली बैठक

 

Gyanvapi Case वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण में मंगलवार को मुस्लिम पक्ष की बहस पूरी हो गई। साथ ही हिंदू पक्ष की भी आधा घंटा बहस हुई। इस मामले में एक नया मोड़ भी आ गया है। प्रकरण में हिंदू पक्ष की ओर से वाराणसी निवासी चार महिला वादियों ने ट्रस्ट बनाया है। इस ट्रस्ट पर कोर्ट में जारी मामले को देखने की जिम्मेदारी होगी। इससे पहले सोमवार को हिंदू पक्ष ने ट्रस्ट बनाए जाने का एलान किया। ट्रस्ट का नाम श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास रखा गया है। ट्रस्ट कोर्ट के मामलों को देखेगा। मुकदमे में होने वाला खर्च भी वहन करेगा।

बैठक में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, अधिष्ठाता लालबाबू जायसवाल ज्ञानवापी(Gyanvapi Case) मसले में हिंदू पक्षकार सोहन लाल, हाईकोर्ट की वकील रंजना और समाजसेवी कुलदीप तिवारी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता हरिशंकर जैन ने की। बता दें कि ज्ञानवापी (Gyanvapi Case) मामले में अभी तक हिंदू पक्ष की ओर से अखिल भारतीय वैदिक सनातन संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह विसेन देख रहे हैं। उन्होंने अपने केस से वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन को ज्ञानवापी (Gyanvapi Case) केस से बाहर निकाल दिया था।

जब से भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ज्ञानवापी (Gyanvapi Case) मस्जिद मामले को वाराणसी जिला और सत्र न्यायालय को संदर्भित किया है, तब से इस मामले में सुनवाई हो रही है। यह उस सर्वेक्षण से संबंधित है जो अप्रैल में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित मस्जिद के परिसर के अंदर किया गया था।

इसके बाद, जहां हिंदू पक्ष ने मस्जिद के वजुखाना के पास एक ‘शिवलिंग’ खोजने का दावा किया, वहीं मुस्लिम पक्ष ने दावा किया कि यह केवल एक ‘फव्वारा’ था।

(Gyanvapi Case)  मामले को अदालत में ले जाया गया और अब तक पिछली सुनवाई में, मस्जिद समिति हिंदी पक्ष द्वारा दायर याचिकाओं के खिलाफ अपनी दलीलें दे रही है। जबकि हिंदू पक्ष को अपना पक्ष रखना बाकी है, मुस्लिम पक्ष की दलीलें समाप्त होने के बाद वकीलों की बहस करने की बारी होगी।

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