February 29, 2024

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25 December गीता जंयती पर्व, मोक्षदा एकादशी और क्रिसमस धार्मिक और सामाजिक पर्व

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25 December गीता जंयती पर्व, मोक्षदा एकादशी और क्रिसमस धार्मिक और सामाजिक पर्व

25 December गीता जंयती पर्व, मोक्षदा एकादशी और क्रिसमस धार्मिक और सामाजिक पर्व

25 December Geeta Jayanti: 25 दिसंबर का दिन विशेष है. इस दिन क्रिसमस का पर्व है. इसके साथ ही मोक्षदा एकादशी और गीता जंयती भी है. आइए जानते हैं इन पर्वों का महत्व

Geeta Jayanti 25 December : पंचांग के अनुसार आज का दिन विशेष तारीख है, जो धार्मिक और कार्यों के दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह दिन 3 अलग-अलग पर्वों से युक्त है। आज हम सब क्रिसमस का जश्न मना रहे हैं, जो बहुत ही उत्साह और हर्ष के साथ मनाया जाता है। इसी दिन हिन्दू धर्म में दो और खास पर्व हैं। 25 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी व्रत और गीता जयंती का त्योहार भी होता है। यह पर्व धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से साथ ही मानवता के अद्भुत संदेशों को याद करने का भी एक अवसर है।

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25 December Geeta Jayanti

25 December गीता जंयती पर्व, मोक्षदा एकादशी और क्रिसमस धार्मिक और सामाजिक पर्व
25 December गीता जंयती पर्व, मोक्षदा एकादशी और क्रिसमस धार्मिक और सामाजिक पर्व

25 दिसंबर को हर वर्ष गीता जयंती मनाई जाती है, जो हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर आती है। इसे ‘मोक्षदा एकादशी’ भी कहते हैं। इस तिथि को मानते हैं क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। गीता जयंती के दिन लोग भगवान कृष्ण द्वारा दी गई गीता के उपदेशों को याद करते हैं, जो मानवता के लिए जीवन के अनमोल संदेश देते हैं। गीता के उपदेश में जीवन के मूल्यों, कर्तव्यों, और धर्म के बारे में विस्तार से बताया गया है, जो हमें सही मार्ग पर चलाने के लिए प्रेरित करते हैं।

क्रिसमस पर्व

25 दिसंबर को बड़ा दिन के रूप में जाना जाता है। इस दिन क्रिसमस का उत्सव मनाया जाता है, जो प्रभु यीशु के जन्मदिन की उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह उत्सव पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है। लोग इस दिन एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और उपहार भी बांटते हैं। यह पर्व खुशियों का पर्व कहलाता है जो प्रेम और दया का संदेश देता है।

मोक्षदा एकादशी

 

पंचांग के अनुसार, 25 दिसंबर को मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे मोक्षदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह साल की अंतिम एकादशी होती है और भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि मोक्षदा एकादशी का व्रत सभी प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाता है, जिससे मोक्ष प्राप्ति होती है। इसे सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है।

 

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