Front line workers: छत्तीसगढ़ में पत्रकारों को मिली फ्रंटलाइन वर्कर्स की मान्यता,पहले गृहमंत्री ने की थी घोषणा

0
43
Front line warriors छत्तीसगढ़ में पत्रकारों को मिली फ्रंटलाइन वर्कर्स की मान्यता,पहले गृहमंत्री ने की थी घोषणा
Front line warriors छत्तीसगढ़ में पत्रकारों को मिली फ्रंटलाइन वर्कर्स की मान्यता,पहले गृहमंत्री ने की थी घोषणा

Front line workers:- गृहमंत्री के प्रस्ताव के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  राज्य के पत्रकारों और वकीलों और उनके परिवारों को फ्रंट लाइन वर्कर्स के रूप में टीकाकरण करने की घोषणा की.

रायपुर(Front line workers)| देश भर में COVID -19 संक्रमणों के बीच, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के पत्रकारों और वकीलों और उनके परिवारों को फ्रंट लाइन वर्कर्स (Front line workers)के रूप में टीकाकरण करने की घोषणा की है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि वकीलों व उनके परिवारों को प्रमुखता से वैक्सीन लगाई जाएगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “विभिन्न श्रेणियों से संबंधित लोगों को फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में टीकाकरण करने का निर्णय लिया गया है।

Afghanistan: अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में आतंकवादी हमले में अब तक 50 से ज़्यादा लोगों की मौत.

Thailand थाईलैंड से बुलाई कॉल गर्ल की अस्पताल में कोरोना से मौत, 7 लाख रुपये देकर लखनऊ बुलवाया था.

इसमें अंत्योदय, बीपीएल और एपीएल के साथ चौथी श्रेणी बनाई है। इसमें पत्रकार और वकीलों के साथ सरकारी कर्मियों, सब्जी विक्रेता, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पंचायत सचिवों को भी शामिल किया गया है। अफसरों ने बताया कि कई अन्य राज्यों में पत्रकारों और वकीलों को फ्रंट लाइन वर्कर मानते हुए उनका टीकाकरण किया जा रहा है।

बघेल द्वारा जारी पूर्व निर्देशों के अनुसार और टीकाकरण के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली सचिवों की समिति की अनुशंसा पर, राज्य सरकार द्वारा फ्रंट लाइन वर्कर्स (Front line workers) की सूची में शामिल श्रेणियों में कॉमरेडिटी वाले लोग शामिल हैं जैसे खाद्यान्न वितरण में शामिल लोग, सब्जी विक्रेता, बस चालक और सहचालक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत कर्मी, जन वितरण प्रणाली की दुकानों के प्रबंधकों, रेहड़ी वालों और संस्थागत देखभाल में रह रही महिलाओं, गांव के कोटवार (स्थानीय राजस्व कर्मी) को भी अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत कर्मी माना जाएगा।’’

Front line workers

कोरोना संक्रमण की दूसरा लहर काफी खतरनाक हो चुकी है। प्रदेश की जेलों में बंदी लगातार संक्रमण की चपेट में आ रहे है। बलौदाबाजार उपजेल में 15 बंदियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने से हड़कंप है। रायपुर और दुर्ग सेंट्रल जेल में पांच बंदियों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में प्रदेश की जेलों में 70 से अधिक बंदी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जेल मुख्यालय सोमवार से बंदियो को पेरोल और जमानत पर छोड़ने का फैसला ले सकता है। इसके लिए सभी जेलों से कोरोना संक्रमित बंदियों की संख्या के साथ पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।

THE PRESS NOTE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here