February 29, 2024

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Collector Jagdalpur प्राइवेट नौकरी छूट तो कलेक्टर ने बना दिया शिक्षक

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Collector Jagdalpur प्राइवेट नौकरी छूट तो कलेक्टर ने बना दिया शिक्षक

Collector Jagdalpur प्राइवेट नौकरी छूट तो कलेक्टर ने बना दिया शिक्षक

 

Collector Jagdalpur जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम ने जिले के संवेदनशील क्षेत्र चांदामेटा के बीटेक पास जुगल किशोर को आश्रम शाला में कंप्यूटर शिक्षक के पद पर नौकरी दी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र से निकलकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले लोग बहुत कम हैं और प्रशासन हमेशा ऐसे युवाओं की सराहना और सहयोग करने का प्रयास करता है। वे बी-टेक तक की पढ़ाई करने वाले जुगल किशोर कोर्राम क्षेत्र के लिए एक रोल मॉडल माने जाने का जिक्र कर रहे हैं, जो इस उत्तराधिकारी क्षेत्र के लिए एक महत्त्वपूर्ण उदाहरण हैं।

जुगल किशोर कोर्राम बस्तर जिले के संवेदनशील क्षेत्र चांदामेटा के निवासी हैं। वे एक किसान परिवार से हैं और अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोलेंग से प्राप्त करने के बाद, जगदलपुर फिर रायपुर के प्रयास स्कूल में स्कूली शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने प्रयास के माध्यम से इंजीनियर बनने के लिए प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी की और रायपुर के शासकीय इंजिनियरिंग कालेज से बीटेक की पढ़ाई की।

उन्होंने बताया कि अपनी आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए वे टीचिंग काम भी करते रहे हैं। पढ़ाई के दौरान उन्हें स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याएं होने लगीं, और जांच के बाद उन्हें दिल से संबंधित बीमारी का पता चला। इस बीमारी के कारण उन्हें चलने में भी काफी दिक्कत हो रही है।

जुगल के परिवार में माता-पिता, एक भाई और एक बहन हैं। माता-पिता कृषि कार्य में लगे हैं, जबकि उनके भाई और बहन अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

Collector Jagdalpur प्राइवेट नौकरी छूट तो कलेक्टर ने बना दिया शिक्षक
Collector Jagdalpur प्राइवेट नौकरी छूट तो कलेक्टर ने बना दिया शिक्षक

विधानसभा चुनाव के दौरान चांदामेटा में पहली बार वोटिंग की प्रक्रिया का आयोजन किया गया था। जुगलकिशोर ने इस समाचार को सुनते ही कलेक्टर से मिलने का निर्णय लिया। कलेक्टर ने जुगल के आवेदन पर आवश्यक कार्रवाई की गारंटी दी।

निर्वाचन के बाद, सोमवार को कोलेंग क्षेत्र के विकास कार्यों का निरीक्षण करते समय कलेक्टर ने जुगल किशोर से मिलकर उसे बालक आश्रम में कंप्यूटर शिक्षक के रूप में नियुक्ति देने की प्रस्तावना रखी। जुगल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया, तो कलेक्टर ने अपनी गाड़ी में जुगल को ले जाकर आश्रम तक पहुंचाया, जहां उन्होंने नियुक्ति हेतु आदेश जारी करने के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देशित किया।

कलेक्टर ने आश्रम के छात्रों के साथ नए कंप्यूटर शिक्षक का परिचय करवाया, और इस मौके पर जुगल ने छात्रों को गणित और अंग्रेजी भी पढ़ाने की प्रस्तावना की।

 

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