कोरोना के विदेशी वैक्सीन के लिए केंद्र सरकार ने देश के दरवाजे खोले

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कोरोना के विदेशी वैक्सीन के लिए केंद्र सरकार ने देश के दरवाजे खोले
कोरोना के विदेशी वैक्सीन के लिए केंद्र सरकार ने देश के दरवाजे खोले

आखिर आप तक कब पहुंच जाएंगी स्पूतनिक और दूसरी विदेशी कोरोना वैक्सीन

कोरोना वैक्सीन की किल्लत की शिकायतों के बीच मंगलवार को केंद्र सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए सभी विदेशी वैक्सीन के लिए देश के दरवाजे खोल दिए. इससे जहां देश में कोरोना की कई वैक्सीन उपलब्ध हो सकेंगी, वहीं सभी वयस्कों के टीकाकरण के लक्ष्य को भी जल्द हासिल करने में मदद मिलेगी. आइए, जानते हैं कि नियमों में बदलाव का किन विदेशी वैक्सीन को ज्यादा लाभ मिलेगा, उनकी कीमत कितनी होगी, सुरक्षा मानकों का किस प्रकार खयाल रखा जाएगा और क्या बाजार में भी वैक्सीन उपलब्ध हो सकेंगी.

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच, केंद्र सरकार ने विदेश में बने टीकों के आने की राह खोल दी है. अगर अब किसी वैक्‍सीन को विदेशी रेगुलेटर से मंजूरी मिली होगी तो वह भारत में भी लोगों को दी जा सकेगी.

हालांकि इसकी कुछ शर्तें तय की गई हैं. सरकार ने विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) या अमेरिका, यूरोप, यूके, जापान के रेगुलेटर्स से अप्रूवल पाए टीकों को ही इमर्जेंसी अप्रूवल देने की योजना बनाई है.

आइए जानते हैं कि विदेशी टीके कब तक भारत आ सकेंगे.हालांकि, सरकार वैक्सीन को लोगों पर इस्तेमाल से पहले नजर भी रखेगी. टीका का आयात करने के बाद यहां सबसे पहले 100 लोगों को टीका दिया जाएगा और उनको 7 दिनों तक देखा जाएगा. इस दौरान इन टीकों को देने के बाद कोई दिक्कत तो नहीं आ रही, ये देखा जाएगा. इस बीच ब्रिज ट्रायल, वो ट्रायल जो कम लोगों पर किया जाता है, वो भी साथ साथ चलता रहेगा.

नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल ने कहा कि फिलहाल फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन तो हैं ही.

ये तीन टीके इसमें क्वालीफाई कर रहे हैं.

अब तक भारत के पास तीन टीके हैं जिसमें मंगलवार को ही डीसीजीआई ने रूसी वैक्सीन स्पूतनिक V को अनुमति दी है. जिसकी दूसरी डोज 21 दिनों पर लेनी है.

अब इसके अलावा टीकाकरण अभियान में तेजी लाने को लेकर और भी वैक्सीन अब कतार में है

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