Black-Fungus अधिनियम 1897 के तहत ब्लैक फंगस को भी महामारी घोषित, पीएम मोदी

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Black-Fungus अधिनियम 1897 के तहत ब्लैक फंगस को भी महामारी घोषित, पीएम मोदी

Black-Fungus – कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस को भी कई राज्यों में महामारी घोषित किया गया.

ब्लैक फंगस और कोरोना पर पीएम मोदी का नया मंत्र जहा बीमार वही उपचार

नई दिल्ली| कोरोना से जूझ रहे लोगों में अब ब्लैक फंगस (Black-Fungus)का खौफ बढ़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने ब्लैक फंगस के बढ़ते हुए दायरों को देखते हुए राज्यों से महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत इसे महामारी घोषित करने को कहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। इससे पूर्व भी कई राज्य ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर चुके हैं।

Twitter PM MODI

ब्लैक फंगस (Black-Fungus)के संक्रमण के मामले में मौत की आशंका बहुत बढ़ जाती है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक राज्य में महामारी घोषित होने के बाद राज्य के सीमा क्षेत्र के भीतर सभी निजी व सरकारी अस्पतालों को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिसर (ICMR) की गाइडलाइन के मुताबिक ही संक्रमण की जांच करनी होती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के ज्वाइंट सेकेट्री लव अग्रवाल ने सभी राज्यों को पत्र जारी करते हुए कहा है कि सभी सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों को ब्लैक फंगस (Black-Fungus)की स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस और मैनेजमेंट की गाइडलाइन का पालन करना होगा। बता दें कि ब्लैक फंगस के मामले कोरोना संक्रमण से ठीक हुए रोगियों में देखे जा रहे हैं।

दिल्ली में ब्लैक फंगस (Black-Fungus) के 200 से अधिक मामलें

दिल्ली में ब्लैक फंगस (Black-Fungus) यानी म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis) के अब तक 200 से ज्यादा मामले रिकॉर्ड किए जा चुके हैं. इसको लेकर लगातार आ रहे मामलों के चलते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीनों अस्पतालों में ब्लैक फंगस मरीजों के इलाज के लिए अलग से सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं.

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता  ने कहा है कि ‍ब्लैक फंगस (Black-Fungus)के 200 से अधिक मामले सामने आना बेहद चिंता का विषय है. अब आवश्यक है कि कोविड-19 की अत्याधिक मार झेल रहे 8 अन्य राज्यों की तरह केजरीवाल सरकार  भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करे.

महामारी किसे कहते है जाने

जब कोई बीमारी लोगों के बीच एक-दूसरे को संक्रमित करती है, साथ ही उस बीमारी से होने वाली मौत, इंफेक्शन या उससे प्रभावित देशों की संख्या के आधार पर उसे महामारी घोषित कर दिया जाता है। महामारी घोषित करने का फैसला विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को लेना होता है। महामारी पर नियंत्रण करना बहुत मुश्किल होता है। यह धीरे धीरे पूरे विश्व में अपना पैर पसारती है। कोरोना संक्रमण से पहले भी चेचक, हैजा, प्लैग जैसी बीमारियां महामारी के रूप में घोषित की जा चुकी हैं।

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