Bhangarh Fort भारत का सबसे खौफनाक किला भानगढ़ फोर्ट की पूरी कहानी

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Bhangarh Fort भारत का सबसे खौफनाक किला भानगढ़ फोर्ट की पूरी कहानी
Bhangarh Fort भारत का सबसे खौफनाक किला भानगढ़ फोर्ट की पूरी कहानी

 

राजस्थान| राजस्थान के अल्वर (Alwar) जिले में स्तिथ भानगढ़ फोर्ट (Bhangarh Fort) भारत के सबसे खौफनाक और भुतहा जगह में से एक है। भानगढ़ किले को लेकर कई किस्से सुन्ने को मिलते है। किले के प्रवेश द्वार पर भारत सरकार के पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने किले के सूचना बोर्ड पर यह लिख रखा है की इस किले में सुबह के 06:00 बजे से लेकर शाम को 06:00 बजे तक ही प्रवेश किया जा सकता है। भानगढ़ किले (Bhangarh Fort) में स्थित अधिकांश महल और हवेलियाँ अब खंडहर में बदल चुके है। यही खंडहर इस किले को एक भूतिया महल बनाने में सहायता करते है और इस किले से जुड़ी हुई भूतिया कहानियों को आधार भी प्रदान करते है।

भारत सरकार के पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से दिए गए निर्देश के अनुसार यहाँ सूर्यास्त के बाद प्रवेश वर्जित है। अल्वर (Alwar) जिले के स्थानीय लोगों का यह कहना है की आज तक जो भी यहाँ सूर्यास्त के बाद किले के अंदर गया वो कभी वापस नहीं आया।

भानगढ़ किले (Bhangarh Fort) के बारे में क्या कहते है स्थानीय लोग

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कहा जाता है की यहाँ रात को पायल की आवाज सुनाई देती है। लोग ये भी बताते है की किले में रानी की आत्मा भटकती है और कई लोगो ने इस बात पर दावा करते है की उन्होंने भानगढ़ किले (Bhangarh Fort)की रानी की रूह को देखा भी है। भानगढ़ किले में कई घटना भी घटी है।

बताया जाता है की एक बार कुछ लड़कों का ग्रुप भानगढ़ किला (Bhangarh Fort) घूमने आये थे वो लोग शाम ढलने ने के बाद किले में दाखिल हुए और पूरी रात वह गुज़री जब सुबह किले को खोला गया तो एक लड़का वह बेहोशी की हालत में मिला और उसके ३ साथियों का पता नहीं चला।

जब उस लड़के हो होश आया तो वह अजीब सी हरकत करने लगा। पूछे जाने पर उसने बताया की उसके साथी किसी औरत के साथ चले गए। जब उससे पूछा गया की वो औरत कौन थी, कहा मिली दिखने में कैसी थी तो उसने जो बताया उसे सुन कर सब लोग हैरान रह गए। उसने कहा की वो औरत एक राज पोषाक पहने थी और उसके गले में कई हार और अन्य आभूषण थे जैसे की वो किसी रियासत की रानी हो।

उसने बताया की वो औरत उन्हें किले के अंदर ही मिली थी जब वो लोग किले के अंदर पहुंचे तो उन्हें पायल की आवाज आ रही थी फिर वो लोग उसी आवाज के पीछे किले के अंदर जाने लगे और फिर इन्हे वो औरत नज़र आई।

उस लड़के ने कहा की उसके साथी उस औरत को देख कर उसके पीछे पीछे जाने लगे इसने उनको रोकने का प्रयास किया पर वो नहीं रुके।  इसे ऐसा आभास हो रहा था की उसके साथियों को किसी ने सम्मोहित कर दिया था वो लगातार अपने साथियों को रुकने कह रहा था पर वो लोग इसकी बात का कोई जवाब ही नहीं दे रहे थे।

इस किले का निर्माण आमेर के राजा भगवानदास ने कराया था। भानगढ़ (Bhangarh Fort King)राजा मानसिंह के भाई माधोसिंह (Bhangarh Fort King)की राजधानी रहा। मानसिंह को अकबर का बहुत करीबी माना जाता था। भानगढ़ से पांच किलोमीटर दूर है सोमसागर तालाब, जिसके किनारे से एक पत्थर मिला था। इस पत्थर से पता चला कि माधो सिंह अकबर के दरबार में दीवान थे। सोमेश्वर मंदिर और गोपीनाथ मंदिर की कुछ नक्काशियां अच्छी हैं। मान्यताओं के अनुसार एक दुष्ट जादूगर ने श्राप दिया था जिसके कारण यहां सब खत्म हो गया।

भानगढ़ किले (Bhangarh Fort History)का ईतिहास

इस किले का निर्माण आमेर के राजा भगवानदास ने कराया था। भानगढ़ राजा (Bhangarh Fort History) मानसिंह के भाई माधोसिंह की राजधानी रहा। मानसिंह (Bhangarh Fort King)को अकबर का बहुत करीबी माना जाता था। भानगढ़ से पांच किलोमीटर दूर है सोमसागर तालाब, जिसके किनारे से एक पत्थर मिला था। इस पत्थर से पता चला कि माधो सिंह अकबर के दरबार में दीवान थे। सोमेश्वर मंदिर और गोपीनाथ मंदिर की कुछ नक्काशियां अच्छी हैं। मान्यताओं के अनुसार एक दुष्ट जादूगर ने श्राप दिया था जिसके कारण यहां सब खत्म हो गया।

भानगढ़ किले (Bhangarh Fort)के श्राप की कहानी

ऐसा कहा जाता है कि भानगढ़ (Bhangarh Fort King) की राजकुमारी रत्नावती बहुत सुंदर थी और इसी सुंदरता पर एक तांत्रिक भी फिदा था। जिस दूकान से राजकुमारी के लिए इत्र जाता था, वह उस दूकान में गया और उस बोतल पर जादू कर दिया जो राजकुमारी के लिए भेजी जाने वाली थी। राजकुमारी को बोतल मिली तो सही लेकिन एक पत्थर पर गिरकर टूट गई। जादूगर ने ऐसा जादू किया था कि इत्र लगाने वाला उसे (जादूगर को) प्यार करने लगे। अब इत्र पत्थर को लगा था तो पत्थर ही जादूगर से प्यार में उसकी ओर चल पड़ा। पत्थर ने जादूगर को कुचल दिया लेकिन मरने से पहले उसने भानगढ़ की बर्बादी का श्राप दे दिया। कुछ वक्त के बाद एक युद्ध हुआ जिसमें भानगढ़ तबाह हो गया और यहां रहने वाले सभी लोग मारे गए।

ये सभी घटनाएं सच्ची है या नहीं ये कहा नहीं जा सकता और न नहीं इन बातों की कोई पुष्टि की गई है। और ये सब आज भी एक राज़ है.

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