February 29, 2024

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Artificial Intelligence AI Fraud जानें क्या है एआई फ्रॉड और कैसे बचें

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Artificial Intelligence AI Fraud जानें क्या है एआई फ्रॉड और कैसे बचें

Artificial Intelligence AI Fraud जानें क्या है एआई फ्रॉड और कैसे बचें

Artificial Intelligence AI Fraud : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने कई क्षेत्रों में सुधार किया है, लेकिन दूसरी ओर, साइबर अपराधी भी इस तकनीकी उन्नति का दुरुपयोग करके नए हथियार बना रहे हैं।

Artificial Intelligence AI Fraud आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एआई 2023 में सबसे चर्चित और प्रभावशाली तकनीकों में से एक बन गया है। चैटजीपीटी, बार्ड, और जेमिनी आई जैसे प्लेटफॉर्मों ने इसे ज्यादा सुलभ और उपयोगकर्ता के लिए एक्सेसिबल बनाया है। अब हर क्षेत्र में एआई का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे काम करने की गति में वृद्धि हुई है। हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में भी एआई का प्रभाव महसूस हो रहा है, चाहे वो सेल्फ-ड्राइविंग कार हों या वित्तीय संस्थानों के लिए एल्गोरिदम बेस्ड डिसीज़न। जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ रहा है, उसी अनुपात में जोखिम भी बढ़ रहे हैं। डेटा सुरक्षा, नैतिकता, और तकनीकी त्रुटियों के खतरे का सामना करना अब महत्त्वपूर्ण है। इससे पहले कि हम एआई को सब कुछ सौंप दें, हमें इसके प्रभावों और संभावित खतरों को ध्यान में रखना होगा।
कार्यों को बेहतर बनाने वाले तकनीकी उपायों के साथ ही, उन्हें बेहतर बनाने वाली अवस्था भी उत्पन्न होती है। एआई वॉयस स्कैम (Artificial Intelligence AI Fraud) जैसे तकनीकी धोखाधड़ी के मामले इसी का एक उदाहरण हैं। ये स्कैम उन लोगों को लक्ष्य बनाते हैं जो तकनीकी ज्ञान में पिछड़े होते हैं और जो बेहोशी से इन तकनीकी उपायों का सहारा लेने के लिए तत्पर होते हैं। इसलिए, सावधानी बरतना और सतर्क रहना आवश्यक है ताकि हम इन धोखाधड़ी के मामलों से बच सकें और तकनीकी उपायों का सही इस्तेमाल कर सकें। लखनऊ के एक व्यक्ति से 45 हजार रुपये ठग लिए गए. उससे पहले एक महिला के साथ इसी तरह की ठगी का मामला सामने आया था।
Artificial Intelligence AI Fraud जानें क्या है एआई फ्रॉड और कैसे बचें
Artificial Intelligence AI Fraud जानें क्या है एआई फ्रॉड और कैसे बचें
 लखनऊ में हुआ एआई वॉयस स्कैम (Artificial Intelligence AI Fraud) का मामला! वहां के एक व्यक्ति ने साइबर अपराधियों की ठगी का शिकार होने का अनुभव किया। अपराधी ने एक रिश्तेदार की आवाज में उसे फोन करके धोखाधड़ी की। एआई की मदद से अपराधी ने व्यक्ति को मिस्लेड करते हुए बताया कि उसे 90,000 रुपये भेजने हैं, लेकिन पेमेंट में फेल हो रहा है। रिश्वत के नाम पर पीड़ित ने उसे बताए गए नंबर पर 44,500 रुपये भेज दिए। धोखाधड़ी का पता चलते ही उसे वापसी में अधिकतम नुकसान से बचाने के लिए धन के बदले में दुविधा में पैसे भेजने की सलाह दी गई थी। एक संज्ञानात्मक संदेश है कि धोखाधड़ी के मामले में अब तकनीकी ज्ञान का प्रयोग हो रहा है और लोगों को सतर्क रहना जरूरी है।

Artificial Intelligence AI Fraud वीडियो कॉल स्कैम और डीपफेक्स का इस्तेमाल अब एक नया चिंता का विषय बन गया है। यह स्कैम उन्हीं तक पहुंचती है जो तकनीकी ज्ञान में कमी रखते हैं या जो वीडियो कॉल के माध्यम से किसी से आवश्यक बात कर रहे होते हैं। अपराधी अक्सर किसी अनुचित या भयानक संदेश को वीडियो कॉल के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं और फिर उन्हें दबाव डालकर पेमेंट लेने का प्रयास करते हैं। इससे बचाव के लिए, हमें सतर्क रहना चाहिए और अनजाने वीडियो कॉल्स से सावधानी बरतनी चाहिए। व्यक्तिगत जानकारी को अनजाने लोगों के साथ साझा नहीं करना चाहिए और यदि कोई आपको अनोखी या आशंकाजनक सिचुएशन में डालता है, तो तुरंत संपर्क संचार कंपनी या अन्य अधिकारिकों से सहायता लेनी चाहिए।

बिल्कुल सही! सावधानी हमेशा बेहतरीन सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण तंत्र होती है। इन स्कैम्स से बचाव के लिए कुछ तरीके हो सकते हैं:

  1. सतर्क रहें: अगर किसी अनजान नंबर से फोन आता है और अनोखे प्रस्ताव दिए जाते हैं, तो सतर्क रहें। सभी वित्तीय या व्यक्तिगत जानकारी को देने से पहले उसे ध्यानपूर्वक समीक्षा करें।
  2. वैध स्रोतों से संपर्क: यदि कोई विशेषज्ञ या सेवा प्रदाता की तरह दिखने वाला कोई व्यक्ति आपसे जानकारी मांगता है, तो उनके वैधता को सत्यापित करने के लिए उनसे संपर्क करें।
  3. साइबर सुरक्षा का ज्ञान: अपनी साइबर सुरक्षा का ज्ञान बढ़ाएं। तकनीकी सक्रियता बढ़ाने और फर्जी स्कैम्स को पहचानने के लिए जागरूकता महत्त्वपूर्ण है।
  4. जानकारी बाँटें: अपने आसपास के लोगों को इस तरह की ठगी के बारे में जागरूक करें। समाज में जागरूकता बढ़ाना सकारात्मक परिणाम दे सकता है।

इन सरल उपायों के साथ, सतर्क और संज्ञानशील रहना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

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